लक्ष्य

                                                                            लक्ष्य 


 लक्ष्य हमारी ज़िंदगी में बहुत ही  जरुरी है, बिना लक्ष्य के बिना नियोजन के हम कुछ भी हासिल नहीं कर सकते यदि हमें पता ही न ही की हमें क्या करना है ?कैसे करना है ? कब तक पूरा करना है ? तो आप ही बताये की Success कैसे होगे ? सीधी बात है हमारा Goal  ही  हमें पता नहीं तो हम उसे  पूरा कैसे करेंगे ?
      आप ने देखा होगा की बड़ी बड़ी Company अपना  हर साल का लक्ष्य बनती है यहाँ तक की हर एक Employee को वो अपना-अपना Target देती है,ये उन्हें किसी भी हालत में पूरा करना ही होता है, यही बड़ी-बड़ी Company के Success का राज है 


 अभी न पूछो मंजिल कहा है ,
अभी तो हमने चलना शुरू 
 किया है। 
न हारे है ना हारेंगे कभी ,किसी भी परिस्थिति मे
ये खुद से हमने वादा किया है। 

लक्ष्य मतलब अपना सपना अपना Dream Project  हर इंसान का अलग-अलग लक्ष्य होता है कोई Engineer  Student एक सफल Engineer बनने का लक्ष्य, किसी का अच्छे मार्क से Pass होने का लक्ष्य, किसी Company का अपना Production बढ़ने का लक्ष्य, किसी Employee को पद बढ़ोतरी का लक्ष्य। 

लक्ष्य का मतलब हमारा उद्देश ये सपने से जादा होता है।  क्यों की हमें पता होता है की हम हमारे Goal की तरफ बढ़ रहे है। 


         लक्ष्य कैसा होना चाहिए ?
दोस्तों हमारा लक्ष्य S M A R T होना चाहिए। 


S -  Specific          (सटीक )
           M-  Measurable     (औसत दर्जे का )
           A-  Attainable       (प्राप्त होने योग्य )
R- Realistic             (उचित )
            T- Timely               ( ठीक समय पर )



Specific - निशित लक्ष्य की पुरे होने की संभवना सबसे जादा होती है क्यों की हमें पता होता है की हमारा goal क्या है 

Measurable - जब आप अपने Goal को Measure करते हो तब आप ये जनते  है की आप सही दिशा में है।  और हमें  पता होता है की ये हम कर सकते है। 

Achievable - हमार Goal Specific ओर Measurable होने के साथ - साथ Achievable होना    चाहिए 

Realistic - हमारा Goal एक उचित और Ultimate होना चाहिए आप खुद ही Diced कर सकते है की आपका Goal कितना High हो ?? दोस्तों आपका Goal  जीतन उचा उतनी ही आपको मेहनत करनी होगा और सफलता भी उतनी ही बड़ी  होगी। 

Timely - यदि हमें पता हे न हो की हमारे लक्ष्य की Dead Line क्या है और उसे पूरा करने में कितना समय लेगेगा, या कितना समय काफी है इसे पूर्ण करने में, यदि हम हमारे Goal को एक Time Frame दे तो ये हमारे अवचेतन मन में Set हो जाता है



विशेष :- 

यदि हर सुबह नींद खुलते किसी लक्ष्य को लेकर आप उत्साहित नहीं हैं , तो आप जी नहीं रहे है ज़िंदगी सिर्फ काट रहे है । 

                                
                             
                                                Athlete Chand Singh Rohilla 


Comments

Popular posts from this blog

मेरी पहली विदेश यात्रा मलेशिया ( पेनांग )

सफलता का रास्ता

कामयाब बनने से रोकती हैं ये आदतें