प्रबंधन
प्रबंधन
प्रबंधन एक ऐसी कड़ी हैं जो इच्छा को परिणाम मे बदल देती हैं । इच्छा को योजनबद्ध करना साधन जुटाना ,कार्य रूप देना ओर परिणाम स्वरूप इच्छा की पूर्ति होना । इस पूरी प्रक्रिया को उचित प्रबंधन बिना सब साधन बेकार हो सकते हैं । योजनाएँ व्यर्थ जा सकती हैं । यदि आप अच्छा कुछ करना चाहते हैं ओर उसके लिए आपके पास सब साधन हैं । लेकिन आपने उस इच्छा को योजनबद्ध नहीं किया तो वह कभी पूरी नहीं हो पाएगी । आपके पास बहुत अच्छी योजना हैं सब साधन भी हैं लेकिन समय पर लागू नहीं कर पाये तो वह व्यर्थ हो सकती हैं । आपके पास बहुत अच्छे सहयोगी हैं सबको अच्छी शिक्षा दी हैं लेकिन उनको कार्यभार उचित तरीके से नहीं दिया तो हो सकता हैं उनके परिणाम ठीक न आयें । प्रबंधन का दूसरा हिस्सा हैं कार्य करते हुए किओ समस्या आ जाने पर उसका निराकरण करना । यह भी बड़ा महत्वपूरण हैं । उस समय कोई भी नकारात्मक कदम समस्या को ओर बढ़ा सकता हैं । ओर सकारात्मक कदम समस्या को सुलझा भी सकता हैं ।
विशेष :-
आप सब कुछ ठीक कर रहे हैं लेकिन समय पर नहीं कर रहे तो कुछ भी ठीक नहीं कर रहे हैं ।
Athlete Chand Singh Rohilla
प्रबंधन एक ऐसी कड़ी हैं जो इच्छा को परिणाम मे बदल देती हैं । इच्छा को योजनबद्ध करना साधन जुटाना ,कार्य रूप देना ओर परिणाम स्वरूप इच्छा की पूर्ति होना । इस पूरी प्रक्रिया को उचित प्रबंधन बिना सब साधन बेकार हो सकते हैं । योजनाएँ व्यर्थ जा सकती हैं । यदि आप अच्छा कुछ करना चाहते हैं ओर उसके लिए आपके पास सब साधन हैं । लेकिन आपने उस इच्छा को योजनबद्ध नहीं किया तो वह कभी पूरी नहीं हो पाएगी । आपके पास बहुत अच्छी योजना हैं सब साधन भी हैं लेकिन समय पर लागू नहीं कर पाये तो वह व्यर्थ हो सकती हैं । आपके पास बहुत अच्छे सहयोगी हैं सबको अच्छी शिक्षा दी हैं लेकिन उनको कार्यभार उचित तरीके से नहीं दिया तो हो सकता हैं उनके परिणाम ठीक न आयें । प्रबंधन का दूसरा हिस्सा हैं कार्य करते हुए किओ समस्या आ जाने पर उसका निराकरण करना । यह भी बड़ा महत्वपूरण हैं । उस समय कोई भी नकारात्मक कदम समस्या को ओर बढ़ा सकता हैं । ओर सकारात्मक कदम समस्या को सुलझा भी सकता हैं ।
विशेष :-
आप सब कुछ ठीक कर रहे हैं लेकिन समय पर नहीं कर रहे तो कुछ भी ठीक नहीं कर रहे हैं ।
Athlete Chand Singh Rohilla

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