स्वयं का विकास

                                  स्वयं का विकास

यदि आप ये चाहते हो की आपको कम से कम काम करके ही सफलता मिले, तो आप अपने आप को ही बेवकूफ बना रहे हो। क्योकि सफल लोग कठिन मेहनत करते है, बहुत सी चीजो का त्याग करते है, कई बार असफल होते है, लेकिन फिर भी हमेशा आगे बढकर वे अपने लक्ष्य को पाते है।

जब आप गंभीर रूप से एक सफल बनने के बारे में सोचते हो, तो सबसे पहले आपको अपनी आदतो को बदलने की जरुरत होती है।

एक सफल इंसान बनने के लिये आपको उनके जैसी आदतो को भी स्वीकार करना चाहिये और अपने आप को विकसित करना चाहिये। एक सफल इंसान बनने के लिए आपको आपके स्वभाव के विपरीत जाने की जरुरत होती है। तभी आपको ये आदते आगे बढने में मददगार साबित होंगी।

"If I have the belief that I can do it, I shall surely acquire the capacity to do it even if I may not have it at the beginning."

1. क्या मैंने आज अपना लक्ष्य प्राप्त किया ?

याद रखिये आपके पास एक लम्बा दिन जरुर हो सकता है लेकिन एक लम्बा जीवन नही. आपको निश्चित घंटो में ही अपने काम को बाटना होता है? और तभी आप उसे समय रहते पूरा कर पाओगे!

बिना किसी शक के अपने लक्ष्य को निर्धारित करना ही आपके दिन का सबसे महत्वपूर्ण काम होना चाहिये.

ऐसा करने से रोज़ आपको प्रेरणा मिलती रहेंगी और धीरे-धीरे आप बड़े-बड़े लक्ष को प्राप्त करने में ध्यान लगा सकोंगे.

इसीलिए अपने कार्यकाल की शुरुवात करने से पहले अपने आप से पूछिये की आज आपको क्या-क्या हासिल करना है. मै वादा करता हु की आप जो निर्धारित करोंगे, दिन के अंत में वही पाओगे.

2. मै कहा गलती कर रहा हु ? 

यदि पिछले प्रश्न का उत्तर नही है तो यह प्रश्न आपके लिए तार्किक होंगा.

लेकिन आपके लिए अपने आप से ये पूछना जरुरी होंगा की, आपने क्या गलत किया है?

  • हो सकता है मीटिंग के समय आपके द्वारा उपयोग किये गये शब्द उचित न हो.
  • हो सकता है की आपने कुछ ऐसा किया हो जो आपके बॉस या क्लाइंट को पसंद न हो.
  • हो सकता है की आप अपने सहकर्मी को किसी जानकारी की पर्ची देना भूल गये हो, जिसे उन्हें जानना जरुरी था.

ये कहना गलत होंगा की इसकी आपको जरुरत नही. आपको अपनी गलतियों के प्रति सहज होना चाहिये. आसानी से उसे अपनाये और उनमे सुधार करे.

3. मै अपनी गलतियों से क्या सीखता हु? या मैंने अपनी गलतियों से क्या सिखा ?

यदि आप अपनी गलतियों से कुछ सीखते हो तो कोई भी गलती बेकार नही होती.

यदि आप ऐसा करोगे तो कोई भी गलती आपसे बार-बार नही होंगी. और आपके दिमाग में हमेशा नए-नए उपाय आते जायेंगे.

इसीलिए अपने दिन को खत्म करने से पहले ही अपने अगले दिन की तयारी कर ले. भूतकाल का विचार करे और सोचे की आपने अपनी गलतियों से क्या-क्या सिखा है.

क्योकि आपकी यही सोच आपको आगे बढ़ने में सहायता करेंगी.

4. मुझे क्या प्रेरित करता है ?

कई बार आप जो चाहते हो उसे आसानी से हासिल कर ही लेते हो. कभी-कभी एक ख़राब दिन गुजारे बिना ही आप सफल हो जाते हो.

आप अपने पिछले दिन को याद करिये और अपने आप से पूछिये ऐसी कोंसी चीज़ है जो आपको लगातार आगे बढ़ने में मदद करती है?

अपने आप को उस दिन में ले जाइये जिस दिन आपको असफलता प्राप्त हुई थी. क्यू की ऐसा करने से ही आप अहंकार से दूर रहोंगे और जमीन पर रहोंगे!!!!!!

5. किस बात के लिए मुझे शुक्रियादा करना चाहिये ?

इस प्रश्न को पूछे बिना कभी अपने दिन को खत्म ना करे.

अपने जीवन में होने वाली घटनाओ को आसानी से अपनाये.

उन दिनों में जाए जब आप मुसीबत में थे और किसी ने आपकी सहायता की थी, उन दिनों के बारे में याद कीजिये.

फिर वो कोई ऑफिस बॉय भी हो सकता है जो आपके लिए कूरियर लेके आता हो, वह कोई कैंटीन बॉय भी हो सकता है जो आपको चाय पिलाता हो या फिर वो आपका बॉस भी हो सकता है जो मुश्किलों में आपको प्रेरित करता हो.

अपने सहकर्मियों का हमेशा शुक्रियादा करे, क्यू की कई बार वे सिर्फ आपके सहकर्मी ही नही बल्कि सहयोगी भी बन जाते है. कई बार आपके सहकर्मी आपकी मदद कर के आपके दिल को छू जाते है. ऐसे लोगो को अपने जीवन में कभी भी “थैंक यु” कहना ना भूले.

आपके  द्वारा कहा गया एक “थैंक यु”, आपमें बहोत बड़ा बदलाव लाएंगा. और यही आपको दूसरो से अलग बनायेंगा.

अपने विचारो को सकारात्मक रखे क्यो
कि आपके विचार ही आपके शब्द बनते है. अपने शब्दों को सकारात्मक रखे क्योकि आपके शब्द ही आपका स्वभाव बनते है. अपने स्वभाव को सकारात्मक रखे क्योकि आपका स्वभाव ही आपकी आदत बनता है. अपनी आदतों को सकारात्मक रखे क्योकि आपकी आदते ही आपके गुण बनते है. अपने गुणों को सकारात्मक रखे क्योकि आपके गुण ही आपकी किस्मत निर्धारित करते है.” – महात्मा गांधी – MAHATMA GANDHI

                                                      

                                                           Athlete Chand Singh Rohilla 

Comments

Popular posts from this blog

मेरी पहली विदेश यात्रा मलेशिया ( पेनांग )

सफलता का रास्ता

कामयाब बनने से रोकती हैं ये आदतें